अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देश कनाडा के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाते हुए 100 प्रतिशत आयात शुल्क (Tariff) लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार चीन के साथ प्रस्तावित रणनीतिक व्यापार समझौते को आगे बढ़ाती है, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले हर उत्पाद पर भारी जुर्माना लगाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओटावा और बीजिंग ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक (Clean Tech) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
'ड्रॉप-ऑफ पोर्ट' नहीं बनने देंगे: ट्रंप
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने तीखा हमला करते हुए कहा कि वे कनाडा को चीन के लिए "पिछले दरवाजे" (Backdoor) की तरह इस्तेमाल नहीं होने देंगे। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा के जरिए चीन अपने सस्ते सामान अमेरिकी बाज़ार में खपाने की योजना बना रहा है। उन्होंने लिखा, "मार्क कार्नी अगर सोचते हैं कि वे कनाडा को चीन का 'ड्रॉप-ऑफ पोर्ट' बनाकर अमेरिका को धोखा दे देंगे, तो यह उनकी बड़ी भूल है। चीन कनाडा को पूरी तरह 'निगल' जाएगा।"
कनाडा की व्यापार विविधीकरण नीति
दूसरी ओर, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के संकेत दिए हैं। हाल ही में एक संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ करीबी संबंध अब एक "कमजोरी" बन गए हैं, क्योंकि वॉशिंगटन ने 1930 की महामंदी के बाद से अब तक के सबसे ऊंचे टैरिफ लगाए हैं। कनाडा ने पिछले एक साल में चार महाद्वीपों के साथ 20 नए व्यापारिक समझौते किए हैं, जिसमें चीन के साथ ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में साझेदारी प्रमुख है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
यदि अमेरिका 100% टैरिफ लागू करता है, तो इसका सबसे बड़ा असर उत्तरी अमेरिका की ऑटोमोटिव और स्टील इंडस्ट्री पर पड़ेगा। पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे अमेरिका-कनाडा संबंधों के बीच इस नई धमकी ने USMCA (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता) के भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। विशेषज्ञ इसे 2026 की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक चुनौती मान रहे हैं।