आजकल कंपनियां सैलरी पैकेज के हिस्से के रूप में मील कार्ड (जैसे Sodexo, Pluxee, Zaggle) देती हैं। यह न केवल खाने-पीने का खर्च आसान बनाते हैं, बल्कि टैक्स बचाने का भी शानदार मौका देते हैं। लेकिन AY 2026-27 (FY 2025-26) और इसके बाद आने वाले टैक्स ईयर 2026-27 (FY 2026-27) के लिए नियमों में कुछ बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
1. AY 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26) के लिए नियम
अगर आप 31 जुलाई 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर रहे हैं, तो ये नियम आप पर लागू होंगे:
- छूट की सीमा: प्रति मील ₹50 की छूट।
- टैक्स रिजीम: यह लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में ही उपलब्ध है। नई टैक्स रिजीम में यह सुविधा फिलहाल वर्जित है।
- गणना: मान लीजिए आप महीने में 22 दिन ऑफिस जाते हैं और दिन में 2 बार मील कार्ड का उपयोग करते हैं, तो सालाना करीब ₹26,400 तक की राशि टैक्स-फ्री हो सकती है।
2. टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से) के बड़े बदलाव
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले 'इनकम टैक्स रूल्स 2026' ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है:
- सीमा में 4 गुना बढ़ोतरी: अब टैक्स-फ्री लिमिट ₹50 से बढ़ाकर सीधे ₹200 प्रति मील कर दी गई है।
- दोनों रिजीम में फायदा: अब यह छूट पुरानी और नई (New Tax Regime) दोनों रिजीम के लिए उपलब्ध होगी।
- सालाना बचत: 22 वर्किंग डेज और 2 मील प्रतिदिन के हिसाब से अब आप सालाना ₹1.05 लाख तक की सैलरी को टैक्स-फ्री बना सकते हैं।
महत्वपूर्ण शर्तें: जिनका ध्यान रखना जरूरी है
मील कार्ड का टैक्स बेनिफिट 'ऑटोमैटिक' नहीं मिलता, इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- वर्किंग आवर्स: यह छूट केवल ऑफिस या वर्किंग आवर्स के दौरान किए गए खर्च पर मिलती है। छुट्टियों या छुट्टी के दिनों के खर्च पर टैक्स देना पड़ सकता है।
- केवल खाने-पीने पर खर्च: कार्ड का इस्तेमाल केवल भोजन और गैर-मादक पेय (Non-alcoholic beverages) के लिए होना चाहिए। ग्रोसरी पर इसका इस्तेमाल नियमों के दायरे में पेचीदा हो सकता है।
- रिपोर्टिंग: ITR फाइल करते समय इसे 'Perquisites' (अनुलाभ) के तहत दिखाना होता है। सुनिश्चित करें कि आपके Form 16 में यह राशि सही ढंग से रिपोर्ट की गई है।